
परम पूज्य श्री श्री 108 संतोषानंद जी महाराज का जन्म 3 जून 1838 को ग्राम पुरा मे हुआ | इन्होने बचपन से ही संन्यास ग्रहण किया इनकी प्रारम्भिक शिक्षा आश्रम मे हुई | इन्होने परम पूज्य श्री श्री 1008 अबधूतानन्द जी से दीक्षा प्राप्त की| इन्होने बनारस संस्कृत विश्वविद्यालय से सन1970 मे आचार्य की उपाधि प्राप्त की स्वामी जी ने सन 1979 मे लवकुशनगर की धरा मे गुरुकुल रूपी विद्यालय के बीज का रोपण किया गया जो 1996 तक यह विद्यालय एक बृक्ष का रूप ले चूका था दिनांक 13 जनवरी 1996 को परम पूज्य स्वामी श्री संतोषानंद जी का परलोक गमन हो गया | इस विद्यालय की स्थापना मे परम पूज्य श्री शान्तानन्द जी का आशीर्वाद छाया के रूप मे रहा |
परम पूज्य स्वामी जी एक कमरे मे रहते थे | जिसमे उन्होंने 1979 मे शांति के लिए अपना काम शुरू किया था और उन्होंने अपनी खुद की कोई निजी संपत्ति नहीं चुनी बल्कि सभी खर्च किये अपने मिशन पर अपने बनाए हुए संसाधन | बच्चे दुनिया के भविष्य है स्वामी जी का मानना था कि भविष्य को ढालने का सबसे अच्छा तरीका उनका पोषण करना है |